मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को हल्द्वानी पहुंचे, जहां उन्होंने कई मुद्दों पर मीडिया से बातचीत की। चुनाव आयुक्त को लेकर चल रही बयानबाजी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हर ऑफिस का अपना एक प्रोसीजर होता है और अधिकारियों की अलग-अलग टिप्पणियों के बाद अंतिम निर्णय प्रक्रिया के तहत लिया जाता है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को लेकर मुख्यमंत्री धामी का अलग अंदाज देखने को मिला। उन्होंने हरीश रावत को सम्मानित नेता बताते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु रहने की कामना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हल्द्वानी पहुंचने पर उनसे चुनाव आयुक्त को लेकर चल रही बयानबाजी के बारे में सवाल किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कार्यालयों में काम करने की एक प्रक्रिया होती है। अधिकारियों के अपने-अपने विचार और टिप्पणियां होती हैं, लेकिन अंत में प्रक्रिया के अनुसार निर्णय लिया जाता है।
मुख्यमंत्री ने सचिवालय की कार्यप्रणाली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी किसी मामले पर अलग-अलग स्तरों पर अधिकारी अपनी टिप्पणियां दर्ज करते हैं और अंतिम रूप से सही बात के आधार पर निर्णय लिया जाता है।
मुख्यमंत्री धामी ने इस मामले को लेकर कहा कि इसे आवश्यकता से अधिक तूल दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग अधिकारियों की टिप्पणियां आना अपने आप में असामान्य बात नहीं है। उनके मुताबिक, किसी भी विषय पर अंतिम निर्णय पूरी प्रक्रिया के बाद लिया जाता है।
वहीं, जब मुख्यमंत्री से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को लेकर सवाल किया गया तो उनका जवाब काफी सम्मानजनक रहा। सीएम धामी ने हरीश रावत को एक सम्मानित नेता बताया और कहा कि उनका जीवन समाज सेवा के लिए समर्पित रहा है। मुख्यमंत्री ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना भी की।
मुख्यमंत्री के हल्द्वानी दौरे के दौरान बच्चों के साथ उनका आत्मीय अंदाज भी देखने को मिला। रिपोर्टों के मुताबिक, रास्ते में बच्चों को देखकर मुख्यमंत्री ने अपना काफिला रुकवाया। बच्चों ने उन्हें ‘पुष्कर मामा’ कहकर संबोधित किया और मुख्यमंत्री ने बच्चों से मुलाकात कर उन्हें चॉकलेट भी बांटी।
यानी हल्द्वानी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान में एक तरफ चुनाव आयुक्त से जुड़े विवाद पर प्रक्रिया और निर्णय व्यवस्था को लेकर सफाई दिखी, तो दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को लेकर सम्मानजनक टिप्पणी चर्चा में रही।

