उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर से करवट ले ली है और मौसम का मिजाज बदलते ही पहाड़ों पर बर्फबारी होने के साथ ही लोगों के चेहरे खिलने लगे हैं। बर्फबारी ने प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों को बर्फ की सफेद चादर में ढक दिया है। चकराता से लेकर गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा तक बर्फ गिरने से जहां पहाड़ों पर ठंड बढ़ गई है। वही दूसरी तरफ पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी से उत्साह और रौनक लौट आई है।
लंबे इंतजार के बाद चकराता में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। लोखंडी, आसमाड़, खड़म्बा, देवबन, मशक, कोटी कंसार और मुंडोई सहित आसपास की ऊंची पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर में ढक गई हैं। बर्फ गिरते ही चकराता पहुंचे पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सैलानी बर्फ के बीच नाचते-झूमते नजर आए। बर्फबारी का इंतजार कर रहे पर्यटकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उत्तरकाशी जनपद में भी मौसम ने अचानक रुख बदला है। गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा सहित आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में बर्फबारी शुरू हो गई है।
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के आसपास के इलाकों में बर्फ गिरने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मसूरी, धनौल्टी और आसपास के क्षेत्रों में भी हल्की बर्फबारी और ठंड बढ़ने से मौसम पूरी तरह सर्द हो गया है। निचले इलाकों में बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार 2300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। सीजन की पहली बर्फबारी की शुरुआत इस बार बसंत के आगमन के साथ हुई। बर्फ का इंतजार लोग काफी समय से कर रहे थे। किसानों की चेहरे पर रौनक लौटी है।

