आज सुराज सेवा दल के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपने प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थाई राजधानी बनाने, आपदा पीड़ितों को उचित मुआवजा देने, टनकपुर सरकारी अस्पताल मे डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने और नगरपालिका टनकपुर में इओ और अध्यक्ष का सामंजस्य बनाने की मांग को लेकर टनकपुर तहसील में धरना दिया, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी दिया, ज्ञापन में सुराज सेवा दल ने लिखा की उत्तराखंड में देवीय आपदा लगातार आ रही है लेकिन मुख्यमंत्री का ध्यान इस और कभी क्यों नहीं गया और क्या उत्तराखंड सरकार ने केदारनाथ आपदा से भी सबक नहीं लिया, ज्ञापन में लिखा गया की उत्तराखंड एक देवभूमि है और हमारे ईस्ट देवी देवताओं का सदा वास रहा है, आगे उन्होंने लिखा कि बाहर से लोग आकर यहां पर उल्टे सीधे काम करते हैं,ज्ञापन मे लिखा गया है की अवैध निर्माणों को रोकने की बात तो मुख्यमंत्री कर रहे हैं, लेकिन इतने बड़े अवैध निर्माण हो कैसे जाते हैं, सुराज सेवा दल ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंच चुका है, अफसर शाही हावी हो चुकी है जिसे मुख्यमंत्री केवल बयानों से नहीं रोक पाएंगे आपदा ग्रस्त क्षेत्र के लिए इतना बजट आता है लेकिन अफसर की जेब भर जाती है और आपदा को अवसर में बदल दिया जाता है, जिससे पितृ दोष की संभावनाएं बढ़ जाती हैं और भविष्य में हमारे बच्चों को झेलना पड़ता है। अपनी इन्हीं मांगों को शामिल करते हुएसुराज सेवा दल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री से इन सभी समस्याओं पर कड़ा कदम उठाने का निवेदन किया है साथ ही सुराज सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण बनाने तक वह अपना आंदोलन लगातार जारी रखेंगे।
धरने में प्रदेश अध्यक्ष रमेश जोशी, कुमाऊँ मंडल अध्यक्ष विशाल शर्मा, कुमाऊँ मंडल उपाध्यक्ष अमित चौहान, जिला अध्यक्ष नैनीताल डी. के. भट्ट , बी.एस. नेगी , पांडे जी, सरोज , दीपक जोशी, आर. पी. सिंह, NGO प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष शशि सिंह, विष्णु दत्त उपाध्याय, महिला जिला अध्यक्ष नैनीताल कीर्ति दुमका, बलबीर सिंह, राजेश्वरी जोशी, नवीन जोशी, अनिल पांडे, कमल, प्रशांत सनवाल, योगेश, पीयूष, विजय ,शंकर जोशी, अम्बा दत्त भट्ट, रमेश जोशी, हर सिंह, जगदीश चंद्र मनाली, राकेश जोशी शामिल रहे।