हल्द्वानी।
हल्द्वानी में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन सड़क पर उतर आया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर ‘वोट बचाओ–देश बचाओ–लोकतंत्र बचाओ’ जनजागरण अभियान के तहत महानगर कांग्रेस ने जनजागरण मार्च निकाला। बुद्ध पार्क, तिकोनिया से शुरू हुआ यह मार्च एसडीएम कोर्ट तक पहुंचा। मार्च में विधायक सुमित हृदयेश और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और मताधिकार की रक्षा की मांग उठाई।

हल्द्वानी में कांग्रेस ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर जनजागरण मार्च निकाला। बुद्ध पार्क से एसडीएम कोर्ट तक निकाले गए मार्च में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मताधिकार की सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठाई।
यह मार्च कांग्रेस के ‘वोट बचाओ–देश बचाओ–लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित किया गया। उत्तराखंड में इस अभियान के तहत 8 अक्टूबर को मार्च और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी पहले भी सामने आई थी।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का वोट है और मतदाता सूची तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का निर्वाचन आयोग को स्पष्ट, पारदर्शी और तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए। सुमित हृदयेश ने यह भी कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद की सरकार चुनने का अधिकार देता है और इस अधिकार की रक्षा करना जरूरी है।
वहीं महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता बूथ और वार्ड स्तर पर लोगों के बीच जाएंगे और मतदाताओं को अपने तथा अपने परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची में जांचने के लिए जागरूक करेंगे। किसी भी विसंगति की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील भी की जाएगी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक वोट महत्वपूर्ण है और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही जरूरी है। फिलहाल, हल्द्वानी में कांग्रेस के इस जनजागरण मार्च के साथ SIR और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होती दिखाई दे रही है। कांग्रेस ने अभियान को बूथ और वार्ड स्तर तक ले जाने की बात कही है।

