हरिद्वार/उत्तराखंड। शम्भावी पीठ हरिद्वार के पूज्य महाराज स्वामी आनंद स्वरूप ने अमर शहीद भरत भूषण तिवारी की माता से मुलाकात कर उनकी न्यायपूर्ण मांगों का समर्थन किया तथा शहीद के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प दोहराया।
स्वामी आनंद स्वरूप ने बताया कि जिस स्थान पर भरत तिवारी शहीद हुए थे, वहां अब “भरत तिवारी महास्मारक” का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्मारक का शिलान्यास किया जा चुका है और इसके निर्माण के लिए सफेद मार्बल आज से पहुंचना भी शुरू हो गया है। उनका प्रयास है कि ब्रह्मभोज से पूर्व स्मारक का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए।
उन्होंने कहा कि जिस गांव के अधिकारों और विकास के लिए भरत तिवारी ने संघर्ष किया और अपने प्राणों का बलिदान दिया, उस गांव का नाम अब “भरत तिवारी नगर” कर दिया गया है। यह कदम शहीद के योगदान को स्थायी सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा कि क्षेत्र के अति पिछड़े और दलित समाज के लोग आज भी भरत तिवारी के प्रति गहरी श्रद्धा और निष्ठा रखते हैं। उन्होंने कहा कि लोग आज भी भरत तिवारी को याद कर भावुक हो जाते हैं और उनके अधूरे सपनों को पूरा होते देखना चाहते हैं।
इस अवसर पर उन्होंने शहीद परिवार और स्थानीय जनता की प्रमुख मांगों का भी समर्थन किया। इनमें बिलौटी गांव को पुनः बसाने, स्मारक निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने, शहीद परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग शामिल है।
स्वामी आनंद स्वरूप ने कहा, “मेरा संकल्प है कि जब तक सांस है, मैं भरत तिवारी के अधूरे कार्यों को पूरा करने का प्रयास करता रहूंगा। शहीदों का सम्मान केवल शब्दों से नहीं, बल्कि उनके सपनों को साकार करके किया जाना चाहिए।”
उन्होंने प्रदेश सरकार और समाज से भी अपील की कि शहीद भरत तिवारी के बलिदान को उचित सम्मान दिया जाए तथा उनके परिवार और क्षेत्र के लोगों की न्यायोचित मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए।

